कोविड -19 भारतीय संस्करणCovid-19 Indian Variant: भारत में कोरोना वायरस का ट्रिपल म्यूटेंट दुनियाभर में फैल रहा है।

कोविड -19 भारतीय संस्करण: भारत में कोरोना वायरस के ट्रिपल म्यूटेंट पूरी दुनिया में फैल रहे हैं। दुनिया के दर्जनों देशों में कोरोना वायरस के भारतीय रूप की पुष्टि हो चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बुधवार को यह जानकारी दी। समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, यूएन हेल्थ एजेंसी का कहना है कि भारत में संक्रमण के सबसे तेजी से बढ़ते मामलों के लिए बी.1.617 वैरिएंट जिम्मेदार है। यह पहली बार अक्टूबर 2020 में भारत में पाया गया था। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि अब डब्ल्यूएचओ के सभी 6 क्षेत्रों में 44 देशों के ओपन एक्सेस डेटाबेस में अपलोड किए गए 4500 से अधिक नमूनों में कोविद -19 का बी.1.617 संस्करण पाया गया है।

ब्रिटेन में भारतीय वैरिएंट के सबसे ज्यादा मरीज

कोरोना महामारी पर साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में डब्ल्यूएचओ ने कहा कि 5 अतिरिक्त देशों में मामले सामने आए हैं। भारत के अलावा इस वैरिएंट के सबसे ज्यादा मरीज ब्रिटेन में मिले हैं। भारत में पिछले मार्च से संक्रमण के मामलों का ग्राफ तेजी से ऊपर जाने लगा। इस हफ्ते की शुरुआत में संस्था ने इस वेरिएंट को ‘चिंता का वेरिएंट’ बताया था।

इससे पहले इस सूची में ब्रिटेन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में पाए जाने वाले कोविड-19 के अन्य रूपों को शामिल किया गया था। इन प्रकारों को वास्तविक लोगों की तुलना में अधिक खतरनाक माना जाता था। क्योंकि वे या तो तेजी से फैल सकते हैं या वैक्सीन सुरक्षा से बचने में भी सक्षम हैं। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि बी.1.617 को सूची में इसलिए जोड़ा गया क्योंकि यह वास्तविक वायरस की तुलना में अधिक संक्रामक लग रहा था।

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पूरी दुनिया के लिए खतरा है

B.1.617, भारत में कोरोना वायरस के ट्रिपल म्यूटेंट की पहचान की गई है। ट्रिपल म्यूटेशन का मतलब है कि कोरोना वायरस के तीन अलग-अलग स्ट्रेन मिलकर एक नए वेरिएंट में बदल गए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का मानना ​​है कि भारत में कोरोना वायरस के ट्रिपल म्यूटेंट यहां ही नहीं बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गए हैं। कोविड-19 के लिए डब्ल्यूएचओ की तकनीकी प्रमुख मारिया वान केरखोव ने कहा कि भारत में कोरोना का नया संस्करण बी.1.617 पहले से ज्यादा खतरनाक है।

आसानी से फैलता है

अध्ययन में यह देखा गया है कि बी.1.617 पहले की तुलना में अधिक आसानी से फैलता है। कुछ मामलों में यह भी देखा गया है कि यह वैक्सीन द्वारा प्रदान की जाने वाली सुरक्षा से बचने में भी सफल रही है। अध्ययन में पाया गया कि यह प्रकार न केवल तेजी से फैल रहा है, बल्कि यह बच्चों को भी अपनी चपेट में ले रहा है। वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि ट्रिपल म्यूटेंट में भी शरीर में कोरोना वायरस के खिलाफ स्वाभाविक रूप से होने वाली प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा देने की कुछ क्षमता होगी।

(नोट: समाचार एजेंसी एएफपी से भी इनपुट)

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