1 करोड़ हेल्थ कवर जैसी बड़ी बीमा पॉलिसी की जरूरत क्यों, जानिए यहां डिटेल मेंहेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी खरीदते समय, कोई निश्चित फॉर्मूला नहीं है कि कितना कवरेज होना चाहिए।

स्वास्थ्य बीमा: बदलती जीवनशैली के कारण भारत समेत पूरी दुनिया में गंभीर बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य खर्च भी हर साल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी लेना बेहद जरूरी है ताकि इलाज के खर्च के कारण आर्थिक सेहत खराब न हो। इससे अस्पताल से जुड़े खर्चों की चिंता खत्म हो जाती है।

स्वास्थ्य बीमा लेते समय इस बात का भी ध्यान रखना जरूरी है कि किसी भी पॉलिसी के तहत अस्पताल में भर्ती होने या इलाज का खर्च उसके कवरेज पर निर्भर करता है। यानी जितना बड़ा कवरेज होगा, उस पॉलिसी के जरिए उतने ही ज्यादा खर्चे का भुगतान किया जा सकेगा। कुछ बीमारियों के इलाज के लिए विदेश जाना पड़ सकता है, जिससे खर्चा बढ़ जाता है। ज्यादातर बीमा कंपनियां अब विदेश में भी इलाज को कवर कर रही हैं लेकिन कवर बड़ा होने पर ही इसका फायदा उठा सकेंगी। जाहिर है, सिर्फ हेल्थ इंश्योरेंस लेना ही काफी नहीं है। यह फैसला भी बहुत जरूरी है कि आपको कितना कवरेज लेना चाहिए। इसकी सही गणना करना महत्वपूर्ण है।

1 करोड़ का हेल्थ प्लान देगा महंगे इलाज में राहत, जानिए कैसे पाएं बेहद कम प्रीमियम में बड़ा कवरेज coverage

1 करोड़ के स्वास्थ्य बीमा कवर के पीछे ये है गणित

स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदते समय कितना कवरेज होना चाहिए, इसका कोई फॉर्मूला नहीं है। हालांकि आज के हालात की बात करें तो 50 लाख के हेल्थ इंश्योरेंस कवर से महज 20-25 फीसदी ज्यादा प्रीमियम देकर 1 करोड़ रुपये का कवर हासिल किया जा सकता है।

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1 करोड़ स्वास्थ्य बीमा कवरेज लेने के पीछे सबसे बड़ा तर्क महंगा इलाज है। एक निजी अस्पताल में प्रारंभिक अवस्था में कैंसर के इलाज में 10-15 लाख रुपये खर्च हो सकते हैं, लेकिन अगर नई इम्यूनोथेरेपी दवाओं या सटीक दवा को शामिल किया जाए तो यह खर्च 1 करोड़ रुपये तक जा सकता है।

नीचे कुछ बीमारियों के इलाज की अनुमानित लागत दी गई है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बड़ा बीमा कवर क्यों जरूरी है। इस खर्च में अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद में चिकित्सा परीक्षण, दवाएं, रेडियोथेरेपी आदि की लागत भी शामिल है।

रोग उपचार लागत (लगभग)
लीवर ट्रांसप्लांट- 25-36 लाख रुपये
कीमोथेरेपी (प्रति बैठक) – 60 हजार-1.9 लाख रुपये
एंजियोप्लास्टी – 1.9-4.2 लाख रुपये
स्तन कैंसर की सर्जरी – 6-10 लाख रुपये Rs
फेफड़े का प्रत्यारोपण – 15-30 लाख रुपये
दिल की गंभीर समस्याएं – 50 लाख रुपये से ऊपर
एडवांस स्टेज का कैंसर – 50 लाख रुपये से ऊपर

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तेजी से बढ़ रही बीमारियां

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम के अनुसार हर दिन लगभग 1300 लोग कैंसर से मरते हैं। इसके अलावा वैश्विक और घरेलू रिपोर्ट्स के मुताबिक, 70 साल से कम उम्र के हर 10 में से चार लोगों को ट्यूमर, कैंसर, हार्ट अटैक, किडनी फेल्योर जैसी गंभीर बीमारियों के कारण समय से पहले मौत का खतरा है। हर दिन बड़ी संख्या में मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे कई लोगों को क्रोनिक किडनी रोग होने का खतरा होता है।

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