स्टॉक टिप्स जोमैटो प्रीमियम वैल्यूएशन यहां रहने के लिए जेफरीज ने कवरेज चेक रेटिंग लक्ष्य मूल्य शुरू कियावैश्विक ब्रोकरेज और शोध फर्म जेफरीज के विश्लेषकों ने जोमैटो को कवर करना शुरू कर दिया है और इसे 170 रुपये के लक्ष्य मूल्य पर ‘बाय’ रेटिंग दी है।

स्टॉक टिप्स: शेयर बाजार में अपनी शानदार लिस्टिंग के बाद से Zomato ने निवेशकों को लगातार मुनाफा दिया है। कुछ निवेशक इसमें आगे निवेश करने को लेकर असमंजस में हैं कि इसके ऊंचे मूल्यांकन के कारण इसकी कीमत में और गिरावट नहीं आनी चाहिए. हालांकि ग्लोबल ब्रोकरेज और रिसर्च फर्म जेफरीज के विश्लेषकों ने इसे कवर करना शुरू कर दिया है और इसे 170 रुपये के टारगेट प्राइस पर ‘बाय’ रेटिंग दी है। जोमैटो के आईपीओ की कीमत 72-76 रुपये प्रति शेयर तय की गई थी और इसकी लिस्टिंग हो चुकी थी। 115 रुपये प्रति शेयर पर। इसके बाद इसके शेयरों में तेजी बनी हुई है और फिलहाल इसके शेयर 76 रुपये के आईपीओ मूल्य के मुकाबले 78 फीसदी की छलांग के साथ 135 रुपये प्रति शेयर पर हैं.

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2023 तक बन जाएगी ब्रेक इवन स्थिति

जेफरीज के अनुसार, खाद्य वितरण में तेजी से वृद्धि और अन्य क्षेत्रों में वृद्धि से प्रेरित, ज़ोमैटो के राजस्व में वित्त वर्ष 2021-वित्त वर्ष 2026 तक 45 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ने की उम्मीद है। Zomato इस समय व्यापार घाटे में चल रहा है लेकिन जेफरीज का अनुमान है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 तक EBITDA ब्रेक ईवन की स्थिति हो सकती है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक अगर Zomato का फोकस ग्रोथ पर रहेगा तो प्रॉफिट बढ़ेगा। जेफरीज के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष/कोरोना महामारी के बाद कंपनी का EBITDA 800-1100 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है और इसमें वित्त वर्ष 025-26 तक ब्रेक-ईवन की स्थिति आ सकती है।

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ब्रेक-ईवन वह स्थिति है जिसमें कंपनी के लिए कोई लाभ और कोई हानि नहीं होती है। हालांकि, जेफरीज के अनुसार, नकदी की अधिक उपलब्धता के कारण पीबीटी (कर से पहले लाभ) ब्रेक-ईवन पहले हो सकता है। जेफरीज के मुताबिक जोमैटो के बुक में 20 करोड़ डॉलर (14.88 हजार करोड़ रुपये) की नकदी है। कंपनी एसेट-लाइट मॉडल पर काम करती है और इसकी कार्यशील पूंजी और पूंजीगत व्यय की आवश्यकताएं कम हैं।

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Zomato अन्य सेवाएं भी प्रदान करता है

खाद्य वितरण के अलावा, ज़ोमैटो ज़ोमैटो प्रो और हाइपरप्योर नामक एक सदस्यता सेवा भी प्रदान करता है, जो एक घटक आपूर्ति व्यवसाय है। जेफरीज के मुताबिक, हाइपरप्योर का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2021-2026 तक 55 फीसदी सीएजीआर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ने की उम्मीद है, जबकि जोमैटो प्रो का रेवेन्यू अगले वित्त वर्ष से ही तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। ब्रोकरेज और रिसर्च फर्म जेफरीज के मुताबिक जोमैटो अपने पास उपलब्ध कैश को आक्रामक तरीके से निवेश कर सकता है। जेफरीज के मुताबिक तीसरी लहर और बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर जोमैटो के सामने चुनौतियां बनी हुई हैं।
(अनुच्छेद: क्षितिज भार्गव)

(कहानी में दी गई स्टॉक सिफारिशें संबंधित शोध विश्लेषकों और ब्रोकरेज फर्मों की हैं। फाइनेंशियल एक्सप्रेस ऑनलाइन इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेती है। पूंजी बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। कृपया निवेश करने से पहले अपने सलाहकार से परामर्श लें।)

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