केंद्र सरकार ने सरकारी कंपनी राष्ट्रीय बीज निगम की हिस्सेदारी बेचने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार अपनी 25 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए आईपीओ लाएगी। निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग ने भी इस आईपीओ के बुक रनिंग और संबंधित कानूनी कार्यवाही के लिए एक मर्चेंट बैंक नियुक्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए बोलियां मंगाई गई हैं। राष्ट्रीय बीज निगम कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।

मिनी रत्न पीएसयू राष्ट्रीय बीज निगम है

मर्चेंट बैंकरों और कानूनी सलाहकारों की नियुक्ति के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 1 सितंबर 2021 है। दीपम के अनुसार, सरकार दो निवेश बैंकरों की नियुक्ति करेगी, जो आईपीओ की प्रक्रिया को पूरा करेंगे। राष्ट्रीय बीज निगम में सरकार की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इस मिनी रत्न पीएसयू कंपनी ने वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान 29.92 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। 31 मार्च 2020 तक इसकी नेटवर्थ 646.37 करोड़ रुपये थी।

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वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 1.75 करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य

सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 1.75 करोड़ रुपये के विनिवेश का लक्ष्य रखा है। लेकिन अभी तक एक्सिस बैंक ने एनएमडीसी लिमिटेड और हुडको (हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्प (हुडको) में अपनी हिस्सेदारी बेचकर केवल 8,368 करोड़ रुपये जुटाए हैं। एलआईसी के लिए सरकार द्वारा लाया जाने वाला आईपीओ सबसे बड़ा आईपीओ होगा। उम्मीद है कि अंतिम तिमाही में लॉन्च किया जाएगा।

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