मई में बेरोजगारी की दर बढ़ी, महीने में देखी गई एक करोड़ नौकरियांदूसरी लहर के कारण मई 2021 में बेरोजगारी दर बढ़कर 11.9 प्रतिशत हो गई, जबकि इससे पिछले महीने अप्रैल 2021 में 7.97 प्रतिशत थी।

कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक साबित हो रही है और इससे बेरोजगारी दर बेतहाशा बढ़ गई है। दूसरी लहर के कारण मई 2021 में बेरोजगारी दर बढ़कर 11.9 प्रतिशत हो गई, जो अप्रैल 2021 के पिछले महीने 7.97 प्रतिशत थी। इससे पहले, बेरोजगारी दर पिछले साल जून 2020 में दोहरे अंकों में थी जब यह दर थी 10.18 प्रतिशत। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) के पिछले साल के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल, मई और जून 2020 को छोड़कर, जनवरी 2016 के बाद से किसी भी महीने में बेरोजगारी दर कभी भी दोहरे अंकों में नहीं रही थी।

पिछले साल अप्रैल में कोरोना महामारी के चलते देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान बेरोजगारी दर सबसे ज्यादा थी, जब इसकी दर 23.52 फीसदी थी। हालांकि इसके बाद अगले ही महीने से दर में गिरावट शुरू हो गई और मई 2020 में देश की बेरोजगारी दर 21.73 फीसदी पर पहुंच गई। सीएमआईई के अनुसार मई 2021 में शहरी बेरोजगारी दर 14.73 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो मई 2020 में 23.14 के बाद सबसे अधिक है। इसके अलावा गांवों में बेरोजगारी दर भी पिछले महीने 10.63 प्रतिशत थी, जो कि 21.11 प्रतिशत के बाद से सबसे अधिक है। पिछले साल मई 2020।

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संक्रमित होने और खराब टीकाकरण के डर से बढ़ी दर

सूत्रों के मुताबिक, संक्रमित होने और खराब टीकाकरण के डर ने कई श्रमिकों के मन में काम का डर बढ़ा दिया, जिससे श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) में गिरावट आई। काम की तलाश करने वाले लोगों का उस विशेष आयु वर्ग की कुल जनसंख्या से अनुपात है। यह दर आमतौर पर 15 वर्ष और उससे अधिक के लोगों को कवर करती है। इसी समय, बेरोजगारी दर सक्रिय रूप से काम की तलाश में बेरोजगारों और कुल श्रम शक्ति के बीच का अनुपात है।

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जनवरी 2021 से रोजगार में गिरावट है

सीएमआईई के एमडी और सीईओ महेश व्यास ने हाल ही में लिखा था कि मई 2021 में रोजगार में लगातार गिरावट आई थी। अप्रैल 2021 में रोजगार दर 36.8 फीसदी थी, जबकि 30 दिन की चलती औसत रोजगार दर 23 मई तक गिरकर 35.8 फीसदी हो गई, यानी 1 फीसदी की गिरावट, यानी रोजगार में एक करोड़ की कमी आई। इसकी तुलना में अप्रैल में 73.5 लाख नौकरियां कम की गईं। व्यास के मुताबिक इस साल जनवरी 2021 से रोजगार में गिरावट आ रही है। इसी तरह की गिरावट मई 2021 में भी देखने को मिल सकती है।
(अनुच्छेद: सूर्य सारथी रे)

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