म्यूच्यूअल फंड (Mutual Fund) in Hindi

हेल्लो फ्रेंड्स, क्या आप जानते है, की म्यूच्यूअल फंड्स क्या होता है, ये कैसे काम करता है, इसमें हम पैसे कैसे इन्वेस्ट कर सकते है, साथ ही इन्वेस्ट करने के क्या क्या तरीके होते है, अगर आप इन्टरनेट पर इन सभी सवालो के जबाब खोज रहे है, तो आप बिलकुल सही वेबसाइट पर आये है, क्योकि आज की पोस्ट में हम आपके लिए एक नही बल्कि म्यूच्यूअल फंड्स के 25 तरह के क्वेश्चन में devide करके बताने बाले है, जिसमे आपके हरेक सवालो का जबाब सिंपल तरीके से समझाया गया होगा |

1. म्यूच्यूअल फंड क्या है।

म्यूचल फंड काफी लोकप्रिय नाम हो चुका है, क्योंकि म्यूच्यूअल फंड का एक डायलॉग जो एडवर्टाइजमेंट के जरिए काफी ज्यादा पॉपुलर होता जा रहा है “म्यूचुअल फंड सही है” म्यूच्यूअल फंड एक प्रकार का सामूहिक निवेश करने का प्लेटफार्म है।

जहां पर आप सामूहिक रूप से निवेश करके अच्छा पैसा कमा सकते हैं, म्यूचुअल फंड में जो पैसा इन्वेस्ट किया जाता है वह आपको ब्याज सहित वापस लौट दिया जाता है, इसमें हमारे जैसे लाखों लोगों का पैसा जमा होता है, और साथ ही वो लाखो लोग इस प्लेटफार्म के माध्यम से से अच्छा खासा ब्याज भी पा रहे है ।

म्यूचुअल फंड में जो पैसा निवेशकों द्वारा जमा करवाया जाता है। वह पैसा कई सार्वजनिक कार्य सरकारी योजनाएं तथा प्रोजेक्ट में लगाया जाता है, और म्यूचुअल फंड उन लोगों से पैसा वसूलता है। जहां पर वह अपना पैसा इन्वेस्ट करता है और वहां से प्राप्त हुए ब्याज को निवेशकों के अकाउंट में डालता है।

इन्वेस्टमेंट करने के लिए म्यूचुअल फंड काफी अच्छा ऑप्शन है क्योंकि इसमें कई अलग-अलग प्लान उपलब्ध है और काफी बेहतरीन प्लान भी उपस्थित है। म्यूचुअल फंड में आप अपनी इच्छा अनुसार प्लान सिलेक्ट करके इच्छा अनुसार अवधि तय कर सकते हैं।

कई लोगों के दिमाग में म्यूचुअल फंड के नियम समझ में नहीं आए हैं। जो लोग इसे काफी ज्यादा पेचीदा तथा डरावना समझते हैं। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। म्यूचुअल फंड काफी विश्वास जनक इन्वेस्टमेंट का जरिया माना जाता है।

म्यूचुअल फंड में देश के कई ऐसे बड़े बड़े निवेशक अपनी धनराशि को निवेश कर चुके हैं, इन निवेशकों को देखकर म्यूच्यूअल फंड पर भरोसा जताया जा सकता है, म्यूचुअल फंड एक भरोसेमंद इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म बन चुका है ।

यह एक ऐसा ट्रस्ट बन चुका है, जहां पर बड़ी संख्या में निवेशक अपनी धनराशि एकत्रित करते हैं और यह धनराशि शेयर मार्केट के साथ-साथ कई प्रकार के प्रोजेक्ट में सिक्योरिटी के साथ म्युचुअल फंड द्वारा आगे निवेश की जाती है, और वहां से प्राप्त ब्याज को म्यूच्यूअल फंड निवेशकों को प्रदान करता है । इस सामूहिक निवेश से जो आमदनी /लाभ उत्पन्न होता है ।

तो दोस्तों अब आप बेहतर तरीके से समझ चुके होंगे, की म्यूच्यूअल फंड्स क्या होता है, और अगर आप म्यूच्यूअल फंड्स के क्या क्या फायदे होते है, उसके लिए आप नीचे लेख जरूर पढ़े |

2. म्यूचुअल फंड के फायदे

आज के जमाने में इन्वेस्टमेंट के बारे में जब भी लोग सोचते हैं तो उनमें म्यूच्यूअल फंड का भी नाम आता है। म्यूच्यूअल फंड इन्वेस्टमेंट का एक अच्छा प्लेटफॉर्म बन चुका है, और लाखों लोग इस प्लेटफार्म पर भरोसा भी करते हैं। म्यूचुअल फंड के कई फायदे हैं।

एक भरोसेमंद कंपनी में अपना पैसा इन्वेस्ट करना भविष्य के लिए अच्छा रहता है। और इनमें से एक म्यूच्यूअल फंड भी है जो एक भरोसेमंद कंपनी बन चुकी है।

बेहतरीन व भरोसेमंद इन्वेस्टमेंट।

म्यूचुअल फंड में अगर सेविंग की और रिस्क कवर की बात की जाए तो यह काफी बेहतरीन बचत के साथ निवेशक की रिस्क कवर भी करता है। म्यूचल फंड में काफी ज्यादा ब्याज भी निवेशक को ही दिया जाता है। और इसमें मिनिमम बैलेंस रखने की जरूरत भी नहीं पड़ती है।

म्यूचुअल फंड में आपके पैसे डूबने के बहुत कम चांसेस है, क्योंकि म्यूच्यूअल फंड ऐसे प्रोजेक्ट में अपना पैसा इन्वेस्ट करता है, जहां से उसे बहुत ज्यादा फायदा होता है। म्यूचुअल फंड द्वारा ज्यादातर सार्वजनिक कार्यों में पैसा निवेश किया जाता है।

रिस्क कवर चुनने का मौका।

म्यूचुअल फंड में आप अपनी इच्छा अनुसार रिस्क कवर चुन सकते हैं इसमें जब आप पैसा निवेश करते हैं तो आपको रिस्क कवर चुनने का अवसर प्रदान करवाया जाता है।

यहां रि‍स्‍क को भी अपने हि‍साब से मैनेज कर सकते हैं। जैसे यहां तीन कैटेगि‍री हाई रि‍स्‍क, मीडि‍यम रि‍स्‍क और लो रि‍स्‍क।

आप अपनी सुविधा अनुसार म्यूच्यूअल फंड लेते समय रिस्क कवर का ऑप्शन यूज कर सकते हैं, अगर आप हाई रिस्क कवर यूज करते हैं, तो आपको रिस्क कवर ज्यादा मिलती है। मीडियम का चयन करने पर नॉर्मल रिस्क कवर और कम रिस्क कवर का चयन करने पर आपको कम रिस्क कवर दी जाती है।

लि‍क्‍वि‍डि‍टी का ऑप्‍शन।

म्यूचुअल फंड में आपको दो ऑप्शन दिए जाते हैं जैसे ही आप म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो आपके सामने वह ऑप्शन होते हैं। पहला रेगुलर फंड दूसरा टेक्स सेवर फंड अगर आप टेक्स बचाना चाहते हैं, तो टैक्स सेवर फंड का चयन कर सकते हैं अन्यथा रेगुलर फंड का भी चयन कर सकते हैं।

इसके अलावा भी म्यूचुअल फंड के और भी कई फायदे हैं अगर आप टैक्स शेयरर है और गवर्नमेंट को टैक्स भरते हैं तो यहां इन्वेस्टमेंट करके अपने टेक्स् को बचा सकते हैं, साथ ही आप अपने मनपसंद का प्लान म्यूचुअल फंड में चुन सकते हैं।

म्यूचल फंड में पैसा इन्वेस्ट करने के लिए गूगल प्ले स्टोर पर कई ऐसे एप्लीकेशन उपस्थित है जिसके जरिए आप डायरेक्टली पैसा निवेश कर सकते हैं।

मुझे उम्मीद है, की अब आप अच्छे से समझ चुके होंगे की, म्यूच्यूअल फंड्स के क्या क्या फायदे होते है, म्यूच्यूअल फंड्स के नुक्सान के बारे में जानने के लिए आगे जरूर पढ़े।

3. म्यूच्यूअल फंड के नुकसान

जिस चीज का फायदा होता है, उस चीज के नुकसान की जरूर होते हैं। म्यूचुअल फंड के फायदे के साथ-साथ म्यूचुअल फंड के कई ऐसे नुकसान है। जो आपके लिए काफी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं।

म्यूचुअल फंड में कई बार ऐसा होता है, कि मैनेजमेंट सिस्टम द्वारा सही तरीकों से भुगतान नहीं हो पाता है, और उसका नतीजा यह है कि, आपको ब्याज दर कम करके पैसा रिटर्न दिया जाता है। ऐसे में म्यूच्यूअल फंड की टीम द्वारा हुए नुकसान का खामियाजा आप को भुगतना पड़ता है।

  1. म्यूचुअल फंड में जब आप पैसा इन्वेस्ट करते हैं, तब आपसे रजिस्ट्रेशन फीस ली जाती है जिससे आपका निवेश काफी महंगा हो जाता है।
  2. म्यूच्यूअल फंड की अलग-अलग कंपनी में इन्वेस्टमेंट की दर अलग-अलग है और रजिस्ट्रेशन फीस भी अलग रेट है जिसकी वजह से कई लोगों को नुकसान होता है।
  3. म्यूच्यूअल फंड निवेशकों को फाइल चार्ज भी देना होता है जिससे निवेशक का इन्वेस्टमेंट और महंगा हो जाता है और इसके साथ ही फाइल चार्ज का जीएसटी भी निवेशक को देना होता है।
  4. आपके पैसे को निवेश करते वक्त म्युचुअल फंड मैनेजर्स आपके व्यक्तिगत टैक्स के हालात को मद्देनजऱ नहीं रखते।
  5. कई बार लोग म्यूच्यूअल फंड के नाम पर आपके साथ धोखा भी कर सकते हैं इसलिए रजिस्टर्ड कंपनी के अधिकर्ताओं से मिले और अभिकर्ता की संकेत संख्या जरूर पूछ ले।
  6. कई बार अभिकर्ता लोगों के नाम और उनके बायोडाटा में कुछ गलती कर बैठते हैं उनका खामियाजा भी निवेशक को ही भुगतना पड़ता है।
  7. म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले उस म्युचुअल फंड एप के बारे में भी जान लें जिस ऐप के जरिए आप डायरेक्टली पैसा निवेश कर रहे हैं।
  8. म्यूचुअल फंड में पैसा निवेश करने के लिए गूगल प्ले स्टोर पर कई एप्लीकेशन उपस्थित है उसके जरिए आप आसानी से पैसा निवेश कर सकते हैं किसी दूसरे झांसे में नहीं आए।

म्यूच्यूअल फंड्स के क्या क्या नुक्सान होते है, ये तो आप समझ चुके होगे, अब जानते है, की म्यूच्यूअल फंड्स से कमाए की जाती है, उसके लिए निचे जरूर से जरूर पढ़े।

4. म्यूचुअल फंड से कैसे कमाई करें

म्यूचुअल फंड में अपना पैसा निवेश करके अच्छा खासा इंटरेस्ट कमाया जा सकता है। अगर आप म्यूच्यूअल फंड के बारे में जानते हैं, तो इसमें पैसा इन्वेस्ट करने का सबसे अच्छा विकल्प आपके पास उपस्थित है।

म्यूच्यूअल फंड कंपनी आपको एक नियंत्रित अंतराल के लिए पैसा इन्वेस्ट करने का मौका देती है। और उस अंतराल तक आपका पैसा म्यूचुअल फंड में जमा रहता है। और उस अंतराल में जितनी राशि आपकी म्यूच्यूअल फंड में जमा रहती है। उसका ब्याज सहित आपको म्यूच्यूअल फंड पैसा रिटर्न करता है। म्यूचुअल फंड में अपना पैसा निवेश करके अच्छा खासा ब्याज कमाया जा सकता है।

इसका मतलब यह है, कि म्यूचुअल फंड में आप एक निश्चित समय के लिए अपना पैसा इन्वेस्ट कर सकते हैं। और उस निश्चित समय में आपके द्वारा इन्वेस्ट की गई धन राशि का म्यूच्यूअल फंड आपको ब्याज देता है। इस प्रकार से आप म्यूच्यूअल फंड से कमाई कर सकते हैं।

म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले आपको अपनी इच्छा अनुसार म्यूच्यूअल फंड के प्लान को चुनना होता है। ताकि आप समय पर अपने हिसाब से अपने पैसे को निकाल सकें और समय-समय पर आमदनी पा सकें।

म्यूच्यूअल फंड की एक बेहतरीन स्कीम है इसे ग्रोथ नाम से जाना जाता है, अगर आप लंबे समय के लिए म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट कर रहे हैं, तो आपको ग्रोथ वाला ऑप्शन अवश्य चुनना होता है, इसमें क्या होता है, कि म्यूचुअल फंड द्वारा आई हुई राशि रिटर्न आपके हाथ में नहीं आती है बल्कि वह पुनः म्युचुअल फंड में ही जमा हो जाती है। इस प्रकार 10- 15 साल की अवधि के बाद आपका पैसा कई गुना बढ़ जाता है।

म्यूचुअल फंड में निवेश में ग्रोथ प्लान की रणनीति अपनाना इनकम टैक्स के हिसाब से भी काफी फायदेमंद माना जाता है। इस प्रकार की रणनीति से काफी ज्यादा टैक्स से बचा जा सकता है। अगर साधारण शब्दों में बात की जाए तो, आपने जो राशि इन्वेस्ट की है, उसका जो ब्याज प्राप्त होता है।

वह मूल राशि में शामिल हो जाता है। उस राशि का जो दिया जाता है वह ब्याज कुछ समय बाद मूल राशि में शामिल हो जाता है, जिससे मूल राशि बढ़ती जाती है। और आपकी इनकम काफी ज्यादा हो जाती है और एक निश्चित अवधि के बाद आप बहुत बड़ी रकम के मालिक बन जाते हैं।

म्यूचुअल फंड में निवेश करके पैसा कमाना काफी आसान है। और म्यूचुअल फंड में निवेश करना भी काफी आसान है कुछ स्टेप को फॉलो करके आप ऑनलाइन म्यूच्यूअल फंड में निवेश कर सकते हैं। और अच्छा खासा पैसा कमा सकते हैं।

तो दोस्तों अभी तक आपने ये जाना की म्यूच्यूअल फंड्स क्या होता है, इससे कमाए कैसे की जाती है, साथ ही इसके फायदे और नुक्सान, लेकिन अब हम आपको म्यूच्यूअल फंड्स के कुछ जरूरी चीजो के बारे में शेयर करने वाला हु, जो की आपको एक बेहतर निवेशक बना सकता है, उसके लिए आप नीचे के लेख जरूर पढ़े।

5. म्यूच्यूअल फंड सेविंग बैंक अकाउंट से बेहतर कैसे

ऐसे कई सारे निवेशक है, जिनके मन में ये सवाल आता रहता है, की क्या म्यूच्यूअल फंड्स बैंक अकाउंट से बेहतर है, क्या इसमें रखा पैसा सेफ होता है, और अगर आप भी ये जानना चाहते है, तो नीचे जरूर पढ़े।

म्यूच्यूअल फंड और सेविंग अकाउंट में काफी ज्यादा अंतर है सेविंग अकाउंट का रिटर्न उतना अच्छा नहीं होता है। जितना म्यूचुअल फंड में होता है, हालांकि सेविंग अकाउंट में कोई टाइम प्रिंट नहीं होता है। आप जब चाहे पैसा डाल सकते हैं। जब चाहे निकाल सकते हैं म्यूचुअल फंड में एक निश्चित अवधि के लिए आपको पैसा इन्वेस्ट करना होता है। उस अवधि के दौरान आप पैसा नहीं निकाल पाते हैं। म्यूचुअल फंड की ब्याज दर काफी अच्छी है जो सेविंग अकाउंट की तुलना में बहुत ज्यादा है।

सेविंग अकाउंट की ब्याज दर 3% से 4% तक होती है और जो बैंक ज्यादा ब्याज दर प्रदान करते हैं, उनकी अधिकतम 6% तक हो सकती है ।

इसके अलावा आपको अपने अकाउंट में मिनिमम बैलेंस रखना होता है। मिनिमम बैलेंस के अलावा आपके अकाउंट में पैसा होगा, तो बैंक उसी पैसों का ब्याज आपके अकाउंट में डालती है।

लेकिन म्यूचुअल फंड में ब्याज दर काफी ज्यादा है 6.5 प्रतिशत से ज्यादा ब्याज दर होने के कारण इसमें अच्छा रिटर्न मिलता है, इसके अलावा इसमें मिनिमम बैलेंस रखने की आवश्यकता नहीं है। आप जितना पैसा जमा कराएंगे उस पूरे पैसे का आपको ब्याज दिया जाता है।

म्यूचुअल फंड में रिस्क कवर बहुत कम रहता है, क्योंकि वह मुख्य रूप से यह एक ऐसा प्लेटफार्म है, जहां पर इंटरेस्ट के लिए पैसा निवेश किया जाता है। म्यूच्यूअल फंड कई प्रकार के हैं अलग-अलग प्रकार में अलग-अलग रिस्क शामिल है ।

बाजार की परिस्थितियों के आधार पर, नेट एसेट वैल्यू (NAV) बदलता है। लेकिन सेविंग बैंक अकाउंट में कोई प्रकार का रिस्क कवर नहीं होता है। जितना पैसा आपके अकाउंट में होता है। वह पैसा आपकी नॉमिनी को दे दिया जाता है। म्यूचुअल फंड में रिस्क कम है लेकिन सेविंग अकाउंट से ज्यादा है।

म्यूच्यूअल फंड मैं पैसा इन्वेस्ट करके आप अपनी टैक्स फाईल में इन्वेस्टमेंट के तौर पर एंट्री दे सकते हो और इनकम टैक्स बता सकते हो।

मुझे उम्मीद है की अब आप अच्छे से समझ चुके है, की म्यूच्यूअल फंड्स क्या है, और इससे कमाई कैसे की जाती है, अब हम जानेगे की म्यूच्यूअल फंड्स कितने प्रकार के होते है|

6. म्‍यूचुअल फंड कितने प्रकार के होते हैं?

आप में से ऐसे कई सारे निवेशक होंगे, जिनके मन में ये सवाल उठ रहा होगा, की म्यूच्यूअल फंड्स कितने प्रकार के होते है, किस किस म्यूच्यूअल फंड्स में हम निवेश कर सकते है, ज्यादा जानकारी के लिए नीचे जरूर पढ़े।

म्‍यूचुअल फंड मैं पैसा इन्वेस्ट करना काफी फायदेमंद साबित होता है, लेकिन यह म्यूच्यूअल फंड कितने प्रकार का होता है? और इसके क्या क्या प्लान है?

म्यूचुअल फंड सात प्रकार का होता है। अलग-अलग प्रकार में म्यूचुअल फंड द्वारा अलग-अलग सेवाएं प्रदान करवाई गई है। म्यूचुअल फंड एक प्रकार का सामूहिक निवेश माना जाता है।

जिसमें निवेशकों से मिलकर स्टाफ तथा एजेंट सभी की सिक्योरिटी निवेश रहती है म्यूचुअल फंड में एक मुख्य प्रबंधक होता है जो म्यूच्यूअल फंड की इंटरेस्ट दर मैं हुई लाभ हानि का हिसाब किताब रखता है।

म्‍यचुअल फंड के प्रकार

1. मनी मार्केट फंड

यह फंड अल्पकालिक मतलब कुछ समय के लिए फिक्स डिपाजिट के तौर पर होते हैं इसमें आपका निवेश सुरक्षित रहता है। यह बाकी म्युचुअल फंड की तुलना में थोड़ा कम रिटर्न देता है। लेकिन आपके फंड को पूरी तरह से सुरक्षित रखता है।

2. इक्विटी फंड

यह फंड म्युचुअल फंड का एक प्रमुख भाग माना जाता है। यह फंड सक्रिय तथा निष्क्रिय रूप से प्रतिबंधित होता है इस फंड को स्टॉक फंड भी कहते हैं। स्टॉक मैचुअल फंड मुख्य रूप से कंपनी के आकार और भूगोल में निवेश शैली के अनुसार वर्गीकृत किए गए हैं यह म्यूच्यूअल फंड अच्छा रिटर्न प्रदान करता है।

3. डेब्‍ट फंड

इस म्यूच्यूअल फंड के तहत पब्लिक लिमिटेड कंपनियां निवेश करती है। तथा सरकारी व प्राइवेट कंपनियां अपनी सिक्योरिटी के लिए इस प्रकार के म्युचुअल फंड प्लान को सेलेक्ट करके निवेश करती है। इसमें कॉरपोरेट ब्रांड सरकारी सिक्योरिटीज तथा अन्य कई प्रकार की मनी मार्केट इंस्टिट्यूट डेब्ट फंड का चयन करते हैं यह फंड काफी फायदेमंद माना जाता है।

4. बैलेंस फंड

बैलेंस फंड बाकी सभी म्यूच्यूअल फंड के प्रकार से काफी भिन्न है। यह कॉमन स्टॉक बॉन्ड और अल्पावधि बॉन्ड होता है। यह कम समय के लिए निवेश किया जाने वाला म्यूच्यूअल फंड माना जाता है। इस म्यूच्यूअल फंड के तहत सबसे ज्यादा सुरक्षा की गारंटी दी जाती है और काफी ज्यादा रिटर्न भी बैलेंस फंड के तहत मिलता है।

5. गिल्‍ट फंड

यह फंड सबसे सुरक्षित तथा गारंटी वाला म्यूच्यूअल फंड माना जाता है इसमें निवेशकों द्वारा तथा लोगों द्वारा लगाया गया पैसा सरकारी कंपनियों तथा सरकारी योजनाओं के लिए लगाया जाता है। जहां से रिटर्न भी अच्छा मिलता है और आपके पैसे डूबने का कोई खतरा नहीं रहता है।

इस प्रकार का म्यूच्यूअल फंड हर कोई चयन करना चाहता है इस प्रकार की म्यूचुअल फंड में रिटर्न की गारंटी सरकार की होती है और सरकार द्वारा अपनी योजनाओं में लगाए गए पैसे का ब्याज भी ज्यादा दिया जाता है।

6. लिक्विड फंड

यह कम समय तक लिए गए संसाधनों नए इस प्रकार के फंड द्वारा निवेशकों का पैसा लगाया जाता है छोटे प्रोजेक्टों में इस प्रकार का पैसा इन्वेस्ट किया जाता है। यहां से रिटर्न काफी अच्छा मिलता है लेकिन गिल्ट फंड जितनी गारंटी नहीं होती।

7. ग्रोथ फंड

यह फंड सबसे अधिक फायदा देने वाला म्यूच्यूअल फंड का एक प्रकार माना जाता है इसके अंतर्गत कोई भी व्यक्ति अपना पैसा इन्वेस्ट करता है तो उसके पैसे एक बड़ी राशि का रूप ले लेते हैं। क्योंकि इस फंड में निवेश किया गया पैसा जिसकी ब्याज राशि एक निश्चित समय के बाद मूल राशि में शामिल हो जाती है। और उस नई मूल राशि का ब्याज आपको प्राप्त होता है इस प्रकार से आपको एक बेहतरीन रिटर्न मिलता है।

7. म्यूच्यूअल फंड के इन्वेस्टमेंट प्लान

म्यूच्यूअल फंड के मुख्यतः दो प्रकार के है, पहला डायरेक्ट म्युचुअल फंड दूसरा रेगुलर प्लान म्यूच्यूअल फंड के इन दोनों प्लान में डायरेक्ट प्लान सबसे बेहतरीन माना जाता है। इसमें ज्यादा रिटर्न के साथ साथ आपका रिस्क भी कवर रहता हैं, हालांकि रेगुलर प्लान भी काफी बेहतरीन है। लेकिन डायरेक्ट प्लान के मुकाबले उतना बेहतरीन नहीं है।

म्यूचुअल फंड में एक छोटी सी बचत बनाकर बड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है। लेकिन सही जानकारी के साथ अगर म्यूचुअल फंड में पैसा लगाया जाए तो, वह पैसा काफी अच्छा रिटर्न प्रदान करता है। और आपको म्युचुअल फंड में इन्वेस्ट करने से पहले उसकी जानकारी देना जरूरी है म्यूच्यूअल फंड के दो बेहतरीन प्लान है ।

  1. डायरेक्ट प्लान
  2. रेगुलर प्लान

जो दोनों ही अच्छा रिटर्न देते हैं लेकिन डायरेक्ट प्लान सबसे बेहतरीन प्लान माना जाता है।

म्यूच्यूअल फंड के डायरेक्ट प्लान का मतलब यह है, कि म्यूचुअल फंड की ऑफिशियल वेबसाइट पर आप इस प्लान को खरीद सकते हैं। और इस प्लान में आप अपना पैसा इन्वेस्ट कर सकते हैं।

लेकिन रेगुलर प्लान इसका उल्टा है रेगुलर प्लान में एडवर्टाइजमेंट के जरिए या किसी ब्रोकर या एजेंट के जरिए आपको उस प्लान की जानकारी दी जाती है। और उस प्लान में आपका पैसा एजेंट या ब्रोकर के कहने पर इन्वेस्ट किया जाता है।

म्यूच्यूअल फंड डायरेक्ट प्लान में आप खुद म्यूच्यूअल फंड की कंडीशन को पढ़कर अपना पैसा इन्वेस्ट कर सकते हैं और किसी लोगों से मिलने की तथा उनसे सलाह देने की कोई जरूरत नहीं रहती है।

रेगुलर प्लान की बजाए डायरेक्ट प्लान लेना बेहतरीन होता है क्योंकि रेगुलर प्लान मैं उतना ज्यादा रिटर्न नहीं मिलता है जितना डायरेक्ट प्लान से आप ले पाते हैं। क्योंकि रेगुलर प्लान एजेंट तथा एडवर्टाइजमेंट के जरिए लोगों तक पहुंचाया जाता है। और उसका खर्चा भी आपके द्वारा ही वसूला जाता है इसलिए डायरेक्ट प्लान सस्ता भी पड़ता है और रिटर्न भी अच्छा प्रदान करता है।

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है, की अब आप बेहतर तरीके से समझ ये समझ चुके है, की म्यूच्यूअल फण्ड के इन्वेस्टमेंट प्लान क्या क्या है, और अब आप नीचे के आर्टिकल में ये जानेंगे की म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश कैसे करते है।

8. म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे करें

म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले म्यूच्यूअल फंड के बारे में जानना बहुत जरूरी है। म्यूचुअल फंड क्या होता है? म्यूचुअल फंड की गारंटी क्या है? इन सभी बातों के बारे में जानने के बाद आप म्यूच्यूअल फंड में निवेश कर सकते हैं।

म्यूच्यूअल फंड की जानकारी अगर आपको होगी तो आप म्यूचुअल फंड में आसानी से निवेश कर पाएंगे। म्यूचुअल फंड के कई प्लान है। जो आपको सूटेबल लगे आप उस प्लान को चयन करके म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं।

म्यूच्यूअल फंड कंपनी निवेशकों के पैसे ब्याज सहित वापस कर देती है। और जो लोग अपने पैसों को ब्रोकर के माध्यम से इन्वेस्ट करना चाहते हैं। और जिन लोगो को शेयर मार्केट के बारे में ज्यादा नॉलेज नहीं है। तो उनके लिए म्यूचुअल फंड एक बेहतरीन ऑप्शन है। म्यूचुअल फंड में पैसा इन्वेस्ट करके वित्तीय लक्ष्य के हिसाब से अपनी स्कीम चुन सकते हैं और बेहतरीन ब्याज दर कमा सकते हैं।

म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश करने के दो तरीके है, फर्स्ट ऑफिसियल साइट्स पर जाकर और दूसरा एजेंट या ब्रोकर के माध्यम से।

जो आपको म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए आग्रह करते हैं ऐसे में कंपनी का खर्चा ज्यादा आता है। और कंपनी यह खर्चा आपसे ही बदलती है इसीलिए रेगुलर प्लान चयन करने से बेहतर यह है कि आप डायरेक्ट प्लान चयन करके म्यूचुअल फंड में निवेश करें देश में सात प्रकार के म्यूच्यूअल फंड उपस्थित है।

9. म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें

तो दोस्तों इस पाराग्राफ में हम जानेगे की म्यूच्यूअल फंड्स में इन्वेस्ट करने से पहले हमे किन किन बातो पर ध्यान देना चाहिए।

म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले आपको उसके बारे में जानकारी लेना जरूरी है और उसकी पूरी जानकारी लेने के बाद आप अपनी इच्छा अनुसार प्लान सलेक्ट करके म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं।

  1. म्यूचुअल फंड में कितने समय में क्या रिटर्न मिलता है उसके बारे में भी आपको जानकारी लेना जरूरी है। अगर आप सीधा म्यूच्यूअल फंड की ऑफिशल वेबसाइट पर जाकर निवेश करना चाहते हैं तो ।
  2. आप म्यूच्यूअल फंड की कंडीशन को ध्यान से पढ़ ले क्योंकि म्यूच्यूअल फंड द्वारा अपनी वेबसाइट पर डाली गई कंडीशन म्यूचुअल फंड निवेश पर लागू होती है। इन कंडीशन को जानना आपके लिए बहुत ज्यादा जरूरी है। कंडीशन जानने के बाद आपको यह भी पता चल जाएगा कि आप किस प्रकार से निशुल्क फंड में इन्वेस्ट कर सकते हैं और कैसे अच्छा ब्याज कमा सकते हैं।
  3. हालांकि म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर इन्वेस्ट करना रेगुलर एजेंट तथा ब्रोकर के जरिए इन्वेस्ट करने से काफी बेहतर है।
  4. म्यूच्यूअल फंड के तौर पर किसी दूसरे लोगों के झांसे में नहीं आए और ऑफिशियल वेबसाइट या म्यूच्यूअल फंड द्वारा रजिस्टर्ड एजेंट से ही इस बारे में मुलाकात करें।
  5. अगर आप ऑनलाइन निवेश करते हैं तो म्यूच्यूअल फंड द्वारा प्राप्त की गई रसीद का स्क्रीनशॉट ले ले या अपने मोबाइल में उस रसीद को सेव कर लें। और यदि रेगुलर प्लान के तौर पर एजेंट के जरिए निवेश करते हैं। तो एजेंट से अपने द्वारा निवेश की गई राशि की रसीद जरूर प्राप्त करें।
  6. म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करने के बाद आपको म्यूच्यूअल फंड की तरफ से कई लोगों डॉक्यूमेंट दिए जाते हैं। उन्हें संभाल के रखना होता है, क्योंकि जब म्यूचुअल फंड में निवेश की गई राशि की परिपक्वता तिथि आती है। तो उन डोकोमेंट की काफी ज्यादा आवश्यकता होती है।

10. बेस्ट बुक ऑफ म्यूच्यूअल फंड

तो दोस्तों अभी तक आपने ये जाना की म्यूच्यूअल फंड्स क्या है, इसमें क्या क्या इन्वेस्टमेंट प्लान होते है, साथ ही कैसे इन्वेस्ट करते है, लेकिन आपको म्यूच्यूअल फंड्स से जुड़े ऐसे बहुत से सवाल है, जो आपके जहन में आ रहे होंगे, और उन सभी सवालो का जबाब आपको सिर्फ और सिर्फ उस बुक में मिल सकते है, जो हमने नीचे में बताई है, इसीलिए आपको यह जानना जरूरी है, की म्यूच्यूअल फंड्स के कौन-कौन से बेस्ट बुक है, जहाँ पर आपको हर जानकारी मिल सकती है।

म्यूच्यूअल फंड पर कई सारी किताबें मार्केट में लॉन्च हो रखी है। जो निवेशकों को निवेश करने में सहायता करती है, तथा निवेश करने की ग्रोथ को बढ़ाती है।

1. कॉमन सेंस ऑन म्यूच्यूअल फंड

म्यूच्यूअल फंड पर बनी यह पुस्तक काफी बेहतरीन तथा भरोसेमंद पुस्तक मानी जाती है। जो म्यूचुअल फंड के बारे में बेहतरीन तरीके से जानकारी उपलब्ध करवाती है। इस पुस्तक के लेखक जॉन सी। बोगल है इस पुस्तक में दुनिया के सबसे पहले इन्वेस्टमेंट फंड के बारे में बताया गया है। इसमें निवेश समुदाय में काफी अधिक प्रशंसा के साथ पूरी डिटेल में जानकारी उपलब्ध करवाई गई है।

यह पुस्तक घूमती हुई बाजार की स्थितियों में म्यूचुअल फंड निवेश के तंत्र को निर्धारित करती है। और एक बहुत ही विविध निवेश पोर्टफोलियो को बुनाई के संदर्भ में एक कालातीत सलाह प्रदान करती है।

2. डमियों के लिए म्यूचुअल फंड

म्यूच्यूअल फंड पर बनी है। यह पुस्तक म्यूच्यूअल फंड ऑफ द मीन यह निवेशकों के लिए काफी अधिक सहायता करने वाली किताब मानी जाती है। यह पुस्तक साल 1998 में एरिक टायसन द्वारा लिखी गई थी। म्यूच्यूअल फंड पर आधारित यह पुस्तक लोगों को बेहतरीन जानकारी देने में सक्षम है। तथा निवेश करने की रणनीति व योजना बनाने के लिए निवेशकों को काफी ज्यादा सहायता प्रदान करने वाली एकमात्र पुस्तक मानी जाती है ।

यह पुस्तक आपके वित्तीय लक्ष्यों से मेल खाने के लिए कुशलता से प्रबंधित धन की पहचान के बारे में बताती है।

3. म्यूचुअल फंड्स ऑफ़ Bogle

म्यूच्यूअल फंड पर बनी यह तीसरी पुस्तक म्यूच्यूअल फंड ऑफ बोगल जो निवेश करने के दृष्टिकोण को परिभाषित करती है। और इसमें उपस्थित म्यूचुअल फंड के कई उदाहरण तथा, अवधारणाएं शानदार ढंग से समझाई गई है। इस किताब के लेखक जॉन सी। बोगल जिन्होंने म्यूच्यूअल फंड पर एक और पुस्तक लिखी है।

इस पुस्तक में अध्याय हैं जो पूरी तरह से निष्क्रिय प्रबंधित निधि के लिए समर्पित हैं और वे उच्च रिटर्न कैसे प्राप्त कर सकते हैं।

11. पहली बार निवेश करने वालों के लिए ध्यान रखने योग्य बातें

म्यूचुअल फंड में पहली बार निवेश करने से पहले आपको कई बातें ऐसी है। जो ध्यान रखने योग्य होती है। म्यूचुअल फंड एक भरोसेमंद कंपनी बन चुकी है।

लेकिन फिर भी आप किसी दूसरी कंपनी के झांसे में नहीं आए इसके लिए म्यूच्यूअल फंड से रिलेटेड अगर आपके पास कोई भी व्यक्ति का कॉल या एसएमएस आता है तो वह व्यक्ति म्यूच्यूअल फंड से है इस बात की पुष्टि कर ले।

म्यूच्यूअल फंड के प्लान को अच्छे से समझें और उनमें से अच्छा प्लान सिलेक्ट करें ताकि आपको बेहतरीन रिटर्न प्राप्त हो सके।

म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले आपको म्यूच्यूअल फंड की सभी टर्म्स एंड कंडीशन के बारे में जान लेना जरूरी होता है।

निवेश करने से पहले आप कैसा प्लान सिलेक्ट करना चाहते हैं। और किस प्रकार का इन्वेस्टमेंट करना चाहते हैं। तथा कितने लंबे समय तक इन्वेस्टमेंट करना चाहते हैं यह भी तय कर लें।

म्यूचुअल फंड में रेगुलर प्लान की बजाय डायरेक्ट प्लान चुनकर आप खुद सीधे म्यूच्यूअल फंड की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर निवेश करें। ताकि आपका निवेश सस्ता हो, और आपको रिटर्न भी ज्यादा मिले अगर आप रेगुलर प्लान का चयन करते हैं मतलब यह है। कि आप किसी एजेंट ब्रोकर के माध्यम से निवेश करते हैं। तो म्यूच्यूअल फंड एजेंट या ब्रोकर को कमीशन देता है। वह आपकी रिटर्न में से काट लिया जाता है।

म्यूचुअल फंड में जब आप निवेश कर लेते हैं। तो आप डायरेक्ट प्लान के तहत निवेश कर रहे हो, तो म्यूच्यूअल फंड द्वारा मिली ऑनलाइन रशीद को सही तरीके से रख ले, या उस पेज का स्क्रीनशॉट खींच ले और अगर आप रेगुलर प्लान के तहत निवेश कर रहे हैं। तो एजेंट से जितना आपने पैसा जमा किया है। उसकी रसीद अवश्य प्राप्त कर लें।

म्यूचुअल फंड के नाम पर किसी भी झांसे में ना आए और खुद ही ऑनलाइन साइट पर जाकर निवेश कर लें ।

इस पाराग्राफ में आपने जाना की म्यूच्यूअल फंड्स में इन्वेस्ट करने से पहले हमे किन किन बातो पर ध्यान देना जरूरी है, ताकि स्कैम होने से बचे, म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश करने के लिए बेस्ट एप्लीकेशन कौन-कौन से उसकी जानकारी हमने नीचे में शेयर की है।

12. म्यूच्यूअल फंड में निवेश करने के लिए बेहतरीन ऐप

म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए कई बेहतरीन ऐप इंटरनेट पर उपस्थित है। म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट प्लान यूज करने के लिए इन सभी ऐप या वेबसाइट के माध्यम से आप म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट प्लान सेलेक्ट करके अपना इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं।

म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए कई बेहतरीन ऐप है, जो काफी भरोसेमंद है और आपको अच्छा रिटर्न भी प्रदान करवाते हैं। आप इन ऐप के माध्यम से म्यूचल फंड में इन्वेस्ट कर सकते हैं।

1. I Q Option

म्यूचुअल फंड में निवेश करने का सबसे बेहतरीन तरीका जिसे ऐप को माना जाता है। इस ऐप के जरिए आप कम पैसा इन्वेस्ट करके बेहतरीन रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं।

यह शेयर मार्केट की तरह माना जाने वाला म्युचुअल फंड एप है। इसमें आप डायरेक्ट अपने बैंक अकाउंट से पैसा निवेश कर सकते हैं। और डायरेक्टली अपने अकाउंट में रिटर्न पा सकते हैं।

2. म्यूच्यूअल फंड ग्रोथ

म्यूच्यूअल फंड का ग्रोथ ऐप सबसे बेहतरीन रिटर्न देने वाला ऐप माना जाता है। यह ऐप बेहतरीन ब्याज प्राप्त करवाता है। म्यूचल फंड में निवेश करने वाले 80% लोग इसी ऐप के इस्तेमाल से म्यूचुअल फंड में डायरेक्टली पैसा इन्वेस्ट करते हैं।

म्यूचल फंड ग्रो एप सरल ऐप माना जाता है। इस ऐप में अपनी आईडी बनाना बिल्कुल आसान है। आप अपनी पैन कार्ड आईडी के आधार पर अपना अकाउंट इस ऐप में बना सकते हैं। और इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं।

3. E T money

म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए यह एप्प काफी बेहतरीन तथा विश्वास जनक ऐप बना जाता है। इस ऐप में लाखों लोग अपना पैसा निवेश कर चुके हैं।

यह एक बेहतरीन रिटर्न के साथ आपको और भी कई फायदे उपलब्ध करवाता है। इस ऐप के माध्यम से आपको रिस्क कवर भी प्रदान किया जाता है। तथा इस प्रकार के म्युचुअल फंड एप से आप डायरेक्टली कम पैसा लगाकर ज्यादा फायदा प्राप्त कर सकते हैं।

तो दोस्तों अभी तक आपने ये जाना की म्यूच्यूअल फंड्स में कैसे इन्वेस्ट करते है, इन्वेस्ट करने के क्या क्या प्लान है, साथ ही आपने ये भी जाना की इन्वेस्ट करने के लिए कौन कौन से बेस्ट एप्प है, लेकिन अब हम आपको नीचे लेख में ये बताएँगे की आप ऑनलाइन और ऑफलाइन म्यूच्यूअल फंड्स में कैसे इन्वेस्ट कर सकते है, ज्यादा जानकारी के लिए जरूर पढ़े।

13. स्टेप बाय स्टेप प्रोसीजर तो इन्वेस्ट इन म्यूच्यूअल फंड्स

ऑनलाइन म्युचुअल फंड में इन्वेस्ट करने का स्टेप बाई स्टेप तरीका –

स्टेप -1. सबसे पहले एसेंट मैनेजमेंट कंपनी, एक पंजीकृत निवेश सलाहाकार या एक म्युचुअल फंड वितरक इन तीनो में से किसी एक का चयन करें जिसकी मदद से आप म्युचुअल फंड में इन्वेस्ट करना चाहते है।

स्टेप – 2. अब आपको उसकी वेबसाइट पर जाना है। जिसका आपने पहले चयन किया था।, और सबसे पहले उस वेबसाइट पर उपलब्ध E-KYC फॉर्म को भरना है। इस फॉर्म को भरते समय आपको अपने कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट को डिजिटल रूप से जमा करना होगा जिनकी मदद से ई-केवाईसी पूरी होगी।

स्टेप -3. इसके बाद में आपको पूंजी बाजार नियामक सेबी द्वारा जारी पूर्ण व्यक्ति सत्यापन ( आईपीवी ) को पूरा करना होगा, म्युचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट करने के लिए ये सबसे जरूरी होता है। आईपीवी को आप ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीके से पूरा कर सकते है।

स्टेप – 4. इसके बाद आपको अपने निवेश समय की वैधता, जोखिम लेने की सीमा और आपके पास धन की उपलब्धता के आधार पर किसी भी एक म्युचुअल फंड योजना का चयन करें। और अपना फॉर्म भर दे।

स्टेप -5. जैसे ही आपका आईवीपी पूरा हो जाता है। ( ये पूरा होने में 4 से 7 घंटे लेता है ) तो आपको अपना म्युचुअल फंड का फार्म, आवश्यक डॉक्युमेंट व अपनी राशि जमा करनी होगी। और यदि आप SIP योजना का चयन करते है तो आपको इन सब डॉक्यूमेंट के साथ मे अपना SIP फार्म भी जमा करना है।

ऑफलाइन म्युचुअल फंड में इन्वेस्ट करने का स्टेप बाई स्टेप तरीका

स्टेप -1. सबसे पहले एसेंट मैनेजमेंट कंपनी की शाखा, बैंक, कर्मी या एक म्युचुअल फंड एजेंट इनमें से किसी एक के पास जाना है।

स्टेप – 2. अब वहाँ पर आपको अपनी KYC पूरी करानी होगी, इसके लिए आपके KYC से सम्बंधित सभी डॉक्यूमेंट होने जरूरी है।

स्टेप -3. इसके बाद में आपको पूंजी बाजार नियामक सेबी द्वारा जारी पूर्ण व्यक्ति सत्यापन ( आईपीवी ) को पूरा करना होगा, म्युचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट करने के लिए ये सबसे जरूरी होता है। आईपीवी को आप ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीके से पूरा कर सकते है।

स्टेप – 4. इसके बाद आपको अपने निवेश समय की वैधता, जोखिम लेने की सीमा और आपके पास धन की उपलब्धता के आधार पर किसी भी एक म्युचुअल फंड योजना का चयन करें। और अपना फॉर्म भर दे।

स्टेप -5. जैसे ही आपका आईवीपी पूरा हो जाता है। ( ये पूरा होने में 4 से 7 घंटे लेता है ) तो आपको अपना म्युचुअल फंड का फार्म, आवश्यक डॉक्युमेंट व अपनी राशि जमा करनी होगी। और यदि आप SIP योजना का चयन करते है। तो आपको इन सब डॉक्यूमेंट के साथ मे अपना SIP फार्म भी जमा करना है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन इन्वेस्ट करना अब आप बेहतर तरीके से समझ चुके है, अब आपको यह जानना जरूरी है, की इन्वेस्ट करने से पहले हमारे पास क्या क्या डॉक्यूमेंट होना जरूरी है, ताकि फ्यूचर में कोई प्रॉब्लम ना हो।

14. डॉक्यूमेंट क्या क्या चाहिए

म्युचुअल फंड में इन्वेस्ट करने के लिए आपके पास ये सभी डॉक्यूमेंट होना बहुत जरूरी है।

  1. म्युचुअल फंड का फार्म भरते समय इन सब डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ती है। पैनकार्ड, आधारकार्ड, पासपोर्ट, पहेचान पत्र (वोटर आईडी कार्ड), ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट साइज फ़ोटो।
  2. पता सत्यापन करने के लिए इन सब डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ेगी।आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, राशन कार्ड, निवास का पंजीकृत पट्टा, फ्लैट रखरखाव का बिल, बीमा की कॉपी और लैंडलाइन, टेलीफोन, बिजली या गैस का बिल (3 महीना से ज्यादा पुराना नही होना चाहिए) की जरूरत पड़ती है
  3. इसके अलावा भी आपको म्युचुअल फंड में इन्वेस्ट करने के लिए आपको इन सब डाक्यूमेंट्स की भी जरूरत होगी।

बैंक खाता की पासबुक (3 महीना से ज्यादा पुरानी नही होनी चाहिए), अपने स्वयं के खाते के सम्बंध में नया पता जो कोर्ट के जज के द्वारा स्वघोषित हो।

15. सिप और वन टाइम इन्वेस्टमेंट (डिफरेंस, फायदे नुक्सान)

तो दोस्तों ऐसे कई सारे न्यू इन्वेस्टर होंगे जो ये जानना चाहते है, की सिप और वन टाइम इन्वेस्टमेंट क्या होता है, इसके क्या फायदे और नुक्सान है, बेहतर जानकारी के लिए नीचे जरूर पढ़े।

सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) और One Time इन्वेस्टमेंट में सबसे बड़ा अंतर ये है, कि SIP में आपको हर महीने या फिर हर साल क़िस्त भरनी पड़ती है। जबकि One Time इन्वेस्टमेंट में आपको बस एक ही बार पैसे देने होते है।

Sip में इन्वेस्टमेंट करने के फायदे व नुकसान –

1. Sip में इंवेटमेंट की राशि बहुत ही कम होती है। Sip में आप 500 रुपये से ही इन्वेस्टमेंट शुरुर कर सकते हो। (फायदा)

यदि किसी कारण वंश आप एक महीने की किस्त नही भरते हो तो ECS बाउंस बढ़ जाता है। जिसके कारण आपको भारी पैनल्टी भरनी पड़ सकती है। (नुकसान)

2. Sip में इन्वेस्ट करना आसान होता है। इसमें आप अपने खाते की मदद से आसानी से हर महीने की क़िस्त भर सकते हो। (फायदा)

यदि किसी भी प्रकार का फ़्रॉड या कुछ गलत कार्य हो जाने पर आपका पूरा पैसा डूब जाएगा। (नुकशान)

3. Sip में निवेश करने व निवेश से प्राप्त राशि को निकालने पर किसी भी प्रकार का टैक्स नही लगता है। तो आप Sip में इन्वेस्ट करके टैक्स से भी बच जाते हो। (फायदा)

यदि निवेश की आखिरी क़िस्त के समय ही बाजार में मंदी आ जाती है तो इससे आपको बहुत घाटा हो सकता है। (नुकसान)

एकजुट इन्वेस्टमेंट (Lump Sum इन्वेस्टमेंट) के फायदे व नुकसान

1. इसमे आपको थोड़े लम्बे समय के बाद में निवेश को गई राशि से बहुत ज्यादा राशि वापस मिलती है । (फायदा)

इसमे निवेश करने के लिए आपके पास बहुत ज्यादा धन राशि होनी चाहिए। (नुकसान)
2. यदि पहले से ही बाजार को सही से परखने के बाद में इसमे इन्वेस्ट करते है। तो इसमें पैसे डूबने के खतरा बहुत कम होता है। (फायदा)

यदि किसी कारण वंश बाजार में बहुत ज्यादा मंदी आ जाती है तब इसमे लगाया हुआ, सारा पैसा चला जायेगा (नुकसान)

3. इसमे आपको सारी निवेश राशि एक ही बार मे भरनी पड़ती है। जिसके कारण बड़ी पैनल्टी लगने जैसा कोई खतरा नही होता है। (फायदा)

इसमे सारी निवेश राशि एक साथ जमा कराने के कारण हम बचत करने जैसी आदतों को भूल जाते है। (नुकसान)

16. Sip Investment कैसे शुरू करे?

Sip में इन्वेस्टमेंट करने से पहले आपको ये सब कार्य करने पड़ते है।

  1. इन्वेस्टमेंट करने का उद्देश्य निर्धारित करे – सबसे पहले आपको निवेश का कार्यकाल, निवेश से प्राप्त होने वाली राशि के आधार पर अपना उद्देश्य निर्धारित करे। जैसे मुझे 2 साल बाद मास्टर की शिक्षा लेनी है तो में ऋणी निधि के उद्देश्य का चुनाव करुगा।
  2. निवेश का कार्यकाल निर्धारित करना है – अब आपको अपने उद्देश्य के हिसाब से अपने निवेश करने का कार्यकाल निर्धारित करना है आसान भाषा मे बोले तो आप कितने साल तक निवेश करोगे, इसका चुनाव करना है।
  3. अपनी केवाईसी पूरी करे – जब तक आप अपनी KYC सत्यापन पूरा नही करोगे तब तक आप किसी भी Mutual Funds की योजना में इन्वेस्ट नही कर सकते हो। E-KYC को आप ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीको से पूरा कर सकते हो।
  4. निवेश की राशि व तिथि का चुनाव करना – इसके बाद में आपको SIP निवेश की राशि व तिथि का चुनाव करना है, जो आपके उद्देश्य व निवेश कार्यकाल पर निर्भर करता है। इसका चुनाव करने के लिए आप SIP कैलक्यूलेटर का उपयोग कर सकते हो।
  5. निवेश पर हमेशा नजर रखे – हमेशा लोग निवेश करने के बाद अपने निवेश पर वापस ध्यान या नजर नही देते है, परन्तु के सबसे बड़ी गलती होती है। आपको एक निश्चित समय अंतराल के बाद में अपने निवेश की रिपोर्ट पर ध्यान देना चाहिए इससे आपको पता लगता रहेगा कि आपका निवेश भविष्य में आपको लाभ देगा या नही।

Groww एप्प से sip में निवेश कैसे शुरू करे

  1. सबसे पहले Groww एप्प को ओपन करे और फिर सर्च में Sbi bluechip सर्च करने है।
  2. जो रिजल्ट आपके सामने आया है उस पर क्लिक करे।
  3. इसके बाद आपको Invest Now पर क्लिक करना है।
  4. अब यहाँ पर आपको अपनी निवेश राशि डालनी है और Proceed पर क्लिक कर देना है।
  5. अब अपनी अपने निवेश की तिथि को चुने और I’ll Invest पर क्लिक कर दे।
  6. अब आपको अपने बैंक खाते से पेमेंट कर देना है, जैसे आप ऑनलाइन शॉपिंग करते समय करते हो।
  7. पेमेंट करते ही आपका SIP में निवेश शुरू हो जाएगा। अब आपको हर महीने अपनी किस्त भरनी है। जब तक की आपके निवेश का कार्यकाल पूरा न हो जाए।

तो दोस्तों इस तरह से आपने ये जाना की groww एप्प के जरिये आप sip में निवेश कैसे कर सकते है, लेकिन अब हम आपको नीचे में वन टाइम इन्वेस्टमेंट के बारे में बताएँगे बेहतर जानकारी के लिए जरूर पढ़े।

17. वन टाइम इन्वेस्तिमेंट कैसे शुरू करे?

Lump Sum इन्वेस्टमेंट (One Time investment) शुरू करने से पहले आपको इन सब बातो का ध्यान रखना चाहिए।

  1. पर्याप्त निवेश राशि उपलब्ध होनी चाहिए – One Time investment शुरू करने के लिए आपके पास में पर्याप्त निवेश राशि होना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि इसमें आपको पूरी निवेश राशि एक साथ जमा करानी पड़ती है।
  2. बाजार को सही समझ कर निवेश करे – One Time investment में निवेश करने से पहले बाजार का माहौल देखना बहुत जरूरी होता है। इससे आपको पता चल जाएगा कि आपका पैसा ज्यादा होगा या फिर डूब जाएगा। One Time investment में पैसे इन्वेस्ट करने से पहले किसी सलाहाकार से सलाह जरूर से ले।
  3. हानि झलने की क्षमता होनी चाहिए – यदि आपमे हानि या पैसे डूबने जैसी परेशानी से बाहर निकले की क्षमता है तभी One Time investment में इन्वेस्ट करना चाहिए, क्योंकि इसमें सारे पैसे एक साथ लगाने पड़ते है और बाजार में किसी कारणवंश मंदी आ जाने से आपको बहुत हानि हो सकती है।
  4. अपनी केवाईसी पूरी करे – जब तक आप अपनी KYC सत्यापन पूरा नही करोगे तब तक आप किसी भी Mutual Funds की योजना में इन्वेस्ट नही कर सकते हो। E-KYC को आप ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीको से पूरा कर सकते हो।

Groww एप्प से वन टाइम इन्वेस्टमेंट कैसे शुरू करे?

  1. सबसे पहले Groww अप्प को ओपन करे और फिर सर्च में जिसमे आप इन्वेस्ट करना चाहते है उसको सर्च करने है। जैसे HDFC Small Cap Fund.
  2. अब जो रिजल्ट आपके सामने आया है उस पर क्लिक करे।
  3. इसके बाद आपको Invest Now पर क्लिक करना है।
  4. अब यहाँ पर आपको अपनी निवेश राशि डालनी है। और Proceed पर क्लिक कर देना है।
  5. अब आपको अपने बैंक खाते से पेमेंट कर देना है, जैसे आप ऑनलाइन शॉपिंग करते समय करते हो।
  6. पेमेंट करते ही आपक one time investment में निवेश हो जाएगा। और निवेश की पुष्टि का एक Sms आपके मोबाइल पर आ जायेगा।

अब आप ये जान चुके है, की groww एप्प की मदद से वन टाइम इन्वेस्टमेंट कैसे किये जाते है, और अगले लेख में आप ये जानेंगे की रिटायरमेंट प्लानिंग के 5 अच्छे वाले म्यूच्यूअल फंड्स कौन-कौन से है।

18. रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए 5 सबसे अच्छे म्युच्युअल फंड 

रिटायरमेंट के बाद म्यूच्यूअल फंड्स में इन्वेस्ट करना बहुत फायदेमंद माना जाता है, क्योकि इससे आपके पैसे पहले के मुकाबले और भी बढ़ाने के तरीके उपलब्ध होते है, इसीलिए आपको यह जानना बहुत ही जरूरी है, की ऐसे कौन-कौन से म्यूच्यूअल फंड्स है, जिसमे रिटायरमेंट के बाद भी आप इन्वेस्ट कर सकते हो।

इन 5 सबसे अच्छे म्युच्युअल फंड्स में 2 लार्ज कैप फंड्स, एक मल्टी कैप फण्ड,एक स्मॉल कैप फण्ड और एक इंडेक्स फण्ड टाइप के फंड्स है

रिटायरमेंट प्लानिंग लिए 5 सबसे अच्छे म्युच्युअल फंड इस प्रकार हैं

1. रिलायंस कैप फंड-डायरेक्ट-ग्रोथ
इस फंड के इन्वेस्टमेंट के दो–दो उद्देश्य हैं जो इस प्रकार हैं:

पैसों को इक्विटी और इक्विटी से जुड़ी इंस्ट्रूमेंट्स कंपनियों में इन्वेस्ट करना व इन्वेस्टमेंट को लॉन्ग टर्म बनाना जो BSE 200 इंडेक्स की सबसे ज्यादा हो और मार्केट कैप के बीच मे कम आती हो।
डेट और मनी मार्केट सेक्योरिटीज़ में इन्वेस्टमेंटकरना व इससे लगातार रिटर्न पाना।

2. ICICI प्रुडेंशियल ब्लूचिप इक्विटी फंड – डायरेक्ट – ग्रोथ
इस फंड को 1 जनवरी 2013 में लॉन्च किया गया है। इसका प्लान टाइप डायरेक्ट है और इस फण्ड की साइज (AUM) 20,115 करोड़ है। इस फण्ड में आप 100 रुपये SIP से इनवेस्ट करना शुरू कर सकते हो।

इस फण्ड की उम्र 6 वर्ष है और इसके खर्च अनुपात 11.21% है। यदि आप 0 से 12 महीने में ही रिडीम करते हो तो इसका Exit Load 1% होता है, अन्यथा ये 0% होता है।

ये एक लार्ज कैप इक्विट फण्ड है। और इस फण्ड के मैनेजर एस.नरेन और रजत चंडक है।

इस फंड का मुख्य उद्देश्य ये है कि इस फण्ड के मैनेजर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई/NSE) पर मार्केट कैपिटलाइज़ेशन की मदद से 200 सबसे अच्छे शेयरों में पैसे इन्वेस्ट करना व इस इन्वेस्टमेंट को लॉन्ग टर्म बनाना और इनकम को डिस्ट्रीब्यूशन बनाना।

3. मिराए एसेट इंडिया इक्विटी फंड -डायरेक्ट-ग्रोथ
इस फंड को 1 जनवरी 2013 में लॉन्च किया गया है, इसका प्लान टाइप डायरेक्ट है और इस फण्ड की साइज (AUM) 10,128 करोड़ है। इस फण्ड में आप 1000 रुपये SIP से इनवेस्ट करना शुरू कर सकते हो।

इस फण्ड की उम्र 6 वर्ष है और इसके खर्च अनुपात 11.21% है। यदि आप 0 से 12 महीने में ही रिडीम करते हो तो इसका Exit Load 1% होता है, अन्यथा ये 0% होता है।

ये एक मल्टी कैप इक्विट फण्ड है, और इस फण्ड के मैनेजर नीलेश सुराना और हर्षद बोरावके चंडक है।

इस फण्ड का मुख्य उद्देश्य ये है कि इक्विटी और इक्विटी से जुड़ी सेक्योरिटीज़ में पैसे इन्वेस्ट करने और इन्वेस्टमेंट को लॉन्ग टर्म के लिए बनाना।

4. HDFC स्मॉल कैप फंड – डायरेक्ट- ग्रोथ
इस फंड को 1 जनवरी 2013 में लॉन्च किया गया है, इसका प्लान टाइप डायरेक्ट है और इस फण्ड की साइज (AUM) 5,672 करोड़ है। इस फण्ड में आप 500 रुपये SIP से इनवेस्ट करना शुरू कर सकते हो।

इस फण्ड की उम्र 6 वर्ष है और इसके खर्च अनुपात 10.71% है। यदि आप 0 से 12 महीने में ही रिडीम करते हो तो इसका Exit Load 1% होता है, अन्यथा ये 0% होता है।

ये एक स्मॉल कैप इक्विट फण्ड है, और इस फण्ड के मैनेजर चिराग सेतलवाड़ है।

इस फण्ड का मुख्य उद्देश्य है। कि इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स; मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स;, इक्विटी डेरिवेटिव्स इन तीनो बड़े इंस्ट्रूमेंट्स में इन्वेस्ट करके इन्वेस्टमेंट को लॉन्ग टर्म के लिए बनाना।

5. UTI निफ़्टी इंडेक्स फंड – डायरेक्ट- ग्रोथ
इस फंड को 1 जनवरी 2013 में लॉन्च किया गया है, इसका प्लान टाइप डायरेक्ट है और इस फण्ड की साइज (AUM) 1,076 करोड़ है। इस फण्ड में आप 500 रुपये SIP से इनवेस्ट करना शुरू कर सकते हो।

इस फण्ड की उम्र 6 वर्ष है और इसके खर्च अनुपात 10.13% है। इस फण्ड के अंदर किसी भी प्रकार का कोई भी Exit Load नही होता है। एग्जिट लोड क्या होता है? इसकी जानकारी आपको नीचे लेख मिलेगी

ये एक इंडेक्स फण्ड है, और इस फण्ड के मैनेजर कौशिक बासु है।

इस फण्ड का मुख्य उद्देश्य है कि S&P इंडेक्स के शेयरों में उतना पैसा ही इन्वेस्ट करना जितना कि S&P इंडेक्स में होता है।

19. Exit load क्या होता है?

जैसा की दोस्तों हमने उपर के लेख में एग्जिट लोड शब्द के बारे में जिक्र किया था, और इसीलिए हम इस पाराग्राफ में आपको एग्जिट लोड से जुड़े हर वो जानकारी पेश करेंगे जो आपको जानना बहुत ही जरूरी है, जैसे एग्जिट लोड क्या होता है, कैसे लगता है, क्यों लगता है, एक्स्ट्रा एक्स्ट्रा।

जब भी आप किसी म्यूच्यूअल फण्ड से अपने इन्वेस्टमेंट को रिडीम करते हो तो उस समय एग्जिट लोड लगाया जाता है, और जब आप इन्वेस्टमेंट करते है।

उस समय भी आपने कभी न कभी Exit Load के बारे में जरूर से सुना होगा। पर आपने इस पर ध्यान नही दिया होगा। एग्जिट लोड के बारे में पता होना बहुत जरूरी होता है।

एग्जिट लोड क्या है ?

जब आप किसी म्युच्युअल फण्ड से अपने इनवेस्टमेंट को रिडीम करते है, तो उस समय आपसे एग्जिट लोड लिया जाता है। और ये एग्जिट लोड तब लिया जाता है। जब आप किसी म्यूच्यूअल फण्ड में निश्चित समय से पहले अपने इन्वेस्टमेंट को रिडीम करते हो।

और ये रिडीम साल दर साल बदलते रहती है, जैसे, मान लिया जाए की आपने 1 लाख रुपये इन्वेस्टमेंट करके के कुछ ही समय बाद रिडीम करते है, तो एग्जिट लोड कुछ इस प्रकार लगेगा, 0 से 6 महीने के बीच 4%, 6 महीने से एक साल के अन्दर 3% और डेढ़ साल के अन्दर 2%,

आसन भाषा में कहा जाए तो आपका इन्वेस्टमेंट जितना ज्यादा टाइम म्यूच्यूअल फंड्स में रहेगा उतना ही कम एग्जिट लोड आपके रिडीम पर लगाया जायेगा।

एग्जिट लोड हटने के समय क्या होता है?

एग्जिट लोड और एग्जिट लोड हटने का समय सभी म्यूच्यूअल फण्ड में अलग अलग होता है, जब आप किसी म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्ट करते हो, तो आपको बताया जाता है कि 0-2 साल या 0-12 महीने के एग्जिट लोड 1% होगा।

इसका अर्थ होता है कि यदि आप 2 साल से पहले अपने इन्वेस्टमेंट को रिडीम करोगे तो आप पर एग्जिट लोड लगाया जाएगा। और यदि आप 2 साल के बाद में इनवेस्टमेंट को रिडीम करोगे तो आप पर कोई एग्जिट लोड नही लगेगा।

एग्जिट लोड कैसे पता करे ?

नीचे दिए गए सूत्र की मदद से आप बहुत ही आसानी से एग्जिट लोड पता कर सकते हो।

एग्जिट लोड पता करने का सूत्र – Total Exit Load=(Rate of exit load) X (Redeemed Amount)

उदाहरण –

जैसे रिडीम अमाउंट – 1 लाख, एग्जिट लोड – 1%

टोटल एग्जिट लोड – 0.01 × 100000 – 1000 रुपये एग्जिट लोड होगा।

तो दोस्तों मुझे आसा है की आप ये अच्छे से समझ चुके होंगे की एग्जिट लोड क्या है, और निवेश किये हुए पैसे पर ये किस प्रकार से लगाया जाता है, और अगर आप बेस्ट मिड कैप म्यूच्यूअल फंड्स के बारे में जानना चाहते है, नीचे जरूर पढ़े।

20. 2020 में इन्वेस्टमेंट करने के लिए बेस्ट मिड कैप म्युच्युअल फण्ड कोनसा है?

यदि आप 2020 मे मिड कैप में इन्वेस्टमेंट करना चाहते है, तो ये मिड कैप इन्वेस्टमेंट आपके लिए सबसे बहेतरीन है। और इसकी पूरी जानकारी आपको नीचे मिल जायेगी। जिससे आपको पता चल जाएगा कि ये मिड कैप इन्वेस्टमेंट आपके लिए फायदेमंद होगा या फिर नही।

कोटक इमर्जिंग इक्विटी स्कीम
इस स्कीम को kotak Mahindra asset Management Co Ltd ने चलाया है। व इस स्कीम के AMC है। इस फण्ड को 30 मार्च 2007 में लॉन्च किया गया है। और ये स्कीम मिड कैप फण्ड में 12 नम्बर पर रैंक कर रही है, व इसकी फण्ड साइज 5,888 करोड़ है।

इस स्कीम को 2019 में इन्वेस्टमेंट का 8.9% रिटर्न मिला था। 2018 में इसको 11.7% रिटर्न मिला था। और 2017 में इसे 48% रिटर्न मिला था।

इसमे आप कम से कम 5000 से इन्वेस्टमेंट शुरू कर सकते हो। और SIP योजना के तहत आप इसमे 1000 रुपये से इन्वेस्टमेंट शुरू कर सकते हो।

ये एक High रिस्क इन्वेस्टमेंट फण्ड है, इस फण्ड का CAGR व Annualized रिटर्न 12.11% है, इसमे 0 से 2 साल के बीच मे इन्वेस्टमेंट निकालने पर 1% का Exit लोड लगता है। और 2 साल या इसके बाद में 0% Exit लोड लगता है। इस फण्ड में आपको 5 साल में 14.21 % तक रिटर्न मिलता है।

21. ELSS क्या है?

ELSS म्यूच्यूअल फण्ड के जैसा ही एक इन्वेस्टमेंट फण्ड है। इसमे आप इन्वेस्टमेंट करके टैक्स भी बचा सकते हो। ELSS एक प्रकार का डायवर्सिफाइड इक्विटी म्यूचुअल फंड है। ये फण्ड अपने शेयरों का अधिकतर भाग इक्विटी में निवेश करता है।

ELSS के features क्या–क्या है? –

  1. ELSS में आपको मुख्यत ये सब सुविधाए व फीचर्स मिलते है।
  2. इसकी मदद से आप सीधे स्टॉक मार्किट के लिए surrogate route कर सकते हो।
  3. ये टैक्स बचत करने के लिए बेस्ट इन्वेस्टमेंट फण्ड है।
  4. इसमे आपको तीन साल तक का लॉक इन पीरियड मिलता है।
  5. तीन हो जाने के बाद भी आप लॉक इन पीरियड को जारी रख सकते हो।
  6. ये आपको दिवेंदेड के साथ ग्रोथ करने के विकल्प प्रदान भी करता है।
  7. इसमे कम पैसों से इन्वेस्टमेंट शुरू कर सकते हो।
  8. इसमे आप SIP के माध्यम से भी इन्वेस्टमेंट कर सकते हो।
  9. इसमे इन्वेस्टमेंट पर आपको हाई रिटर्न मिलने की संभावना बहुत ज्यादा रहती है।

ELSS फण्ड क्या होता है?

ELSS की फुल फॉर्म Equity Linked Saving Scheme होती है। इस स्कीम के तहत आप लॉक इन पीरियड के साथ साथ शेयर मार्केट में भी इन्वेस्टमेंट कर सकते हो।

इस स्कीम में इन्वेस्ट करके आप टैक्स से भी छुटकारा पा सकते हो। ये स्कीम टैक्स बचाने के लिए सबसे पॉपुलर स्कीम है, इस स्कीम में आप SIP के जरिये भी निवेश कर सकते हो।

इलएसएस में इन्वेस्टमेंट करने के क्या क्या तरीके हैं?

ELSS फण्ड में इनवेस्टमेंट करने के 2 तरीके है, जो इस प्रकर से है।

SIP के द्वारा 2. वन टाइम इन्वेस्टमेंट (लम्प Sum) के द्वारा
आप इन दोनों तरीको से ELSS फण्ड में बहुत ही आसानी से इन्वेस्टमेंट शुरू कर सकते हो, और टैक्स से बचत कर सकते हो।

22. E-Mandate का उपयोग करके SIP कैसे शुरू करें

Groww अप्प से ऑनलाइन E-Mandate का उपयोग करके SIP शुरू करने का स्टेप बाई स्टेप तरीका –

स्टेप – 1. INVEST पर टैप करे

सबसे पहले एप्प को ओपन करे, फिर जिस SIP में इन्वेस्ट करना चाहते हो उसको सर्च करो, उसे ओपन करके Invest पर क्लिक करो।

स्टेप – 2. Amount दर्ज करे

जितना पैसा आप SIP में इन्वेस्ट करना चाहते हो वो राशि डाले और भी Continue पर क्लिक करे।

स्टेप – 3. ‘कन्फर्म एंड पे’ ऑप्शन को टैप करे।

अब अपनी सभी जानकारियों को ध्यानपूर्वक जांच ले और फिर कन्फर्म एंड पे पर क्लिक कर दे।

स्टेप – 4. अपनी पहली किस्त का भुगतान करे।

अब अपने बैंक खाते से SIP की पहली किस्त का पेमेंट कर दे।

स्टेप – 5. ऑटोमैट SIP क़िस्त चालू करे।

पेमेंट करने के बाद अगले महीने की क़िस्त अपने आप भरने के लिए ऑटोमैट SIP को चालू कर दे, इससे E-Mandate शुरु होगा।

स्टेप – 6. अब ‘E-Mandate वेरीफाई करें’ और टैप करें ।

स्टेप – 7. ई–मेल सत्यापित करना है आपके ईमेल पर एक कोड आएगा उसे यहाँ दर्ज करना है और फिर ईमेल सत्यापन हो जाएगा।

स्टेप – 8. मोबाइल नंबर एंटर करे।

सभी जानकारियों को चेक करने के बाद में मोबाइल नम्बर डाल दे और esign Now पर क्लिक कर दे।

स्टेप – 9. आधार संख्या एंटर करे।

आब आपको अपना आधार कार्ड संख्या डालनी है और Request OTP पर क्लिक कर देना है।

स्टेप – 10. OTP एंटर करे।

अब आपको आपके नम्बर पर जो OTP मिला है उसे यहाँ एंटर कर दे।

OTP डालते ही आपका E-Mandate set up पूरा हो जाता है ।अब अगले महीने से आपकी SIP राशि अपने आप आपके खाते से कट हो जाएगा।

23. OTM का उपयोग करके SIP कैसे शुरू करे?

Groww अप्प से OTM (One Time Mandate) का उपयोग करके SIP शुरू करने का स्टेप बाई स्टेप तरीका

  1. जिस म्यूच्यूअल फंड्स पर आप इन्वेस्ट करना चाहते है, उसपे क्लिक करे।
  2. फिर इन्वेस्ट नाउ पर क्लिक करे।
  3. मंथली sip बटन पर क्लिक करे।
  4. अब अमाउंट डाले।
  5. कंटिन्यू पर क्लिक करे।
  6. कन्फर्म और पे पर क्लिक करे।
  7. पेमेंट कन्फर्म होते ही, स्क्रीन के निचे आपको ऑटोमेटेड sip इन्स्ताल्ल्मेंट का आप्शन आएगा जिसपे आपको क्लिक करना है।
  8. generate otm पर क्लिक करे।
  9. फिर आपके स्क्रीन पर एक वाइट पेज ओपन होगा जिसपे आपको digitally sign करना होगा, और फिनिश पर क्लिक करे।
  10. otm प्रोसेस पूरा होने में तक़रीबन 3 to 4 वीक्स लग सकते है।

24. भारत के पांच बेहतरीन इंडेक्स फंड

तो दोस्तों इस पाराग्राफ में हम जानेंगे की भारत के ऐसे कौन-कौन से 5 इंडेक्स फंड्स है, जो आज के टाइम में ज्यादा पोपुलर, साथ ही हम ये भी जानेगे की इंडेक्स फंड्स होता क्या है?

निवेश करने की भारत में कई सारे ऑप्शन है। लेकिन आज भारत के पांच बेहतरीन इंडेक्स फंड के बारे में बात करेंगे जहां कम पैसा लगाकर बहुत ज्यादा रिटर्न निकाला जा सकता है। लेकिन उससे पहले हमे ये जानना बहुत ही जरूरी है की इंडेक्स फण्ड होता क्या है?

इंडेक्स फंड्स क्या होता है?

इंडेक्स फंड का मतलब यह है कि शेयर बाजार में अपने संबंधित इंडेक्स के रूप में खरीदने वाले लोग जो इंडेक्स के साथ बेहतर तालमेल में परफॉर्मेंस करते हैं इंडेक्स फंड में जो व्यक्ति इंडेक्स के साथ बेहतर परफॉर्मेंस करता है उसे उतना ज्यादा फायदा होता है। इंडेक्स फंड को पैसिव फंड के नाम से भी जाना जाता है।

भारत में कई इंडेक्स फंड स्थित है जो डायरेक्ट पैसा इन्वेस्ट करने का मौका देते हैं लेकिन इनमें से पांच बेहतरीन इंडेक्स फंड जो भारत में अच्छी तरीके से काम करते हैं।

भारत के शेयर बाजार में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। यह उतार-चढ़ाव कई कंडीशन पर आधारित होता है। भारतीय शेयर बाजार का उतार-चढ़ाव अमेरिकी डॉलर से भी प्रभावित रहता है। हालांकि भारतीय से बाजार में अधिकांश व्यापार अपने दो स्टॉक एक्सचेंज पर होता है।

मुंबई स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज इन दोनों के आधार पर ही भारत के शेयर बाजार में गिरावट या बढ़ोतरी हासिल होती है।

1.यूटीआई निफ्टी फंड – डायरेक्ट – UTI Nifty Index Fund – Direct

यह इंडेक्स फंड 1 जनवरी 2013 को लागू हुआ है। यह ओरिएंटल म्यूच्यूअल फंड का भाग माना जाता है। यह एक ऐसा इंडेक्स फंड है। जहां पर हाई रिस्क कवर के साथ आपको बेहतरीन ब्याज दर मिलाकर रिटर्न मिलता है इस इंडेक्स फंड की ब्याज दर 12:30 प्रतिशत है।

2.आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स फंड

आईसीआईसी इंडेक्स फंड यह 1 जनवरी 2013 को लांच होने वाला इंडेक्स फंड है। यह इंडेक्स फंड ओरिएंटल म्यूच्यूअल इंडेक्स फंड के कंपटीशन में उतरा हुआ इंडेक्स फंड माना जाता है। इस इंडेक्स पॉइंट की ब्याज दर 17% के आसपास है जो काफी ज्यादा है ।

3.एचडीएफसी इंडेक्स फंड – निफ्टी प्लान

एचडीएफसी इंडेक्स फंड का निफ्टी प्लान काफी पॉपुलर इंडेक्स फंड प्लान बना जाता है। यह प्लान लॉन्च होने के बाद से 15.44% की दर से रिटर्न दिया है। यह इंडेक्स फंड प्लान 31 दिसंबर 2020 को लांच हुआ है।

4 .एलआईसी इंडेक्स फंड

एलआईसी भारत की सबसे भरोसेमंद कंपनी है। यह कंपनी निवेश करने के लिए एक बेहतरीन कंपनी माय जाती है। इस कंपनी का इंडेक्स फंड प्लान काफी जबरदस्त है और 16% तक भारी ब्याज के साथ बेहतरीन रिस्क कवर करता है।

5. एसबीआई इंडेक्स फंड

एसबीआई भारत की सबसे बड़ी बैंक में से एक माने जाने वाली बैंक है। किस बैंक द्वारा इंश्योरेंस के साथ-साथ कई इंडेक्स फंड प्लान भी निकाले गए हैं। इन इंडेक्स फंड प्लान में आप अपना पैसा निवेश करके अच्छा खासा रिटर्न कमा सकते हैं। एसबीआई इंडेक्स फंड की ब्याज दर 12.50% है इसमें यदि आप अपना पैसा 1 साल तक रखते हैं तो आपको 12.50% ब्याज मिलता है। और यदि आप 3 साल तक पैसा रखते हैं, तो 13.50% तक ब्याज प्राप्त होता है।

25. म्यूचुअल फंड में 100 rupaye से करें शुरुआत

म्यूच्यूअल फंड्स के लास्ट टॉपिक जिसमे हम जानेंगे की 100 रुपये से भी इन्वेस्टिंग कैसे शुरू करे, साथ ही हम आपको कुछ न्यू startegy भी शेयर करेंगे, जिससे आप बहुत जल्द म्यूच्यूअल फंड्स का यूज़ करके करोडपति बन सकते हो।

म्यूच्यूअल फंड कंपनी द्वारा बेहद कम राशि से आप अपने इन्वेस्टमेंट की शुरुआत कर सकते हैं म्यूचुअल फंड कंपनी कि पुरानी शर्तों में 500 से 5000 तक निवेश राशि करना जरूरी था। लेकिन अब म्यूच्यूअल फंड कंपनी द्वारा इस राशि को घटाकर मात्र 100 कर दिया है।

आप अपने निवेश की शुरुआत 100 से कर सकते हैं हालांकि 100 के निवेश में उतना ज्यादा फायदा नहीं होगा लेकिन फिर भी आपको एक अवसर प्रदान होता है। कि आप मिनिमम सो रुपए से अपने निवेश की शुरुआत म्यूचुअल फंड में कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड में सो रुपए से मिनिमम निवेश के बाद म्यूचुअल फंड में लाखों लोगों
ने अपने निवेश करने शुरू किए हैं।

म्यूचुअल फंड में 100 से आप निवेश कर सकते हैं। यह निवेश आप पेटीएम पॉलिसी बाजार की ऑफिशियल वेबसाइट या म्यूचुअल फंड ग्रोथ के साथ ही अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट निवेश कर सकते हैं। और म्यूच्यूअल फंड में कई ऐसे अवसर प्रदान किए गए हैं।

जिसे आप आसानी से उपयोग करके फायदा उठा सकते हैं। म्यूच्यूअल फंड ने अपनी निवेश राशि की रकम को घटाकर निवेशकों के मन को अपनी और आकर्षित किया है और निवेशकों द्वारा भारी मात्रा में राशि निवेश की गई है।

म्यूच्यूअल फंड्स में 100 रुपये इन्वेस्ट करके के न्यू तरीके अगर आप म्यूच्यूअल फंड्स में 100 रुपये से इन्वेस्टिंग करते है, और साल दर साल 27 फीसदी अमाउंट
बढ़ाते है, और अगर 12 फीसदी रिटर्न मिले तो करोडपति बनने में आपको कम से कम 30 साल लगेंगे,

और अगर यही आप 100 के जगह 500 रुपये इन्वेस्ट करते है, और हर साल 50 फीसदी अमाउंट बढ़ाते है, तो आपको करोडपति बनने में तक़रीबन 20 साल लगेंगे |

तो दोस्तों मुझे पूरी उम्मीद है, की आपको म्यूच्यूअल फंड्स से रिलेटेड वो सारे कनफूजन मिट गये होंगे, जो शुरुआत में थे, और अगर फिर भी आपके मन में कोई सवाल है, तो हमे कमेंट करके जरूर से जरूर बताये ताकि हम आपकी पूरी हेल्प कर सके|

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